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हिमाचल में मौसम का बदला मिजाज, कई जिलों में तेज बारिश-अगले छह दिन बरसेगा आसमान, 1 जुलाई से भारी बारिश के आसार

हिमाचल में कई जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी

बारिश के साथ घटेगी विजिबिलिटी, नदी-नालों से दूर रहने की सलाह

अगले छह दिन सक्रिय रहेगा मौसम, एक से चार जुलाई तक भारी बारिश के आसार


हिमाचल प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले ही मौसम ने रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में बीती रात और सोमवार सुबह तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि मौसम विभाग ने दोपहर तक कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने खराब मौसम के दौरान नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। साथ ही बारिश के दौरान विजिबिलिटी कम होने की चेतावनी भी दी गई है, जिससे वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रदेश में सबसे अधिक 63.6 मिमी बारिश मंडी के मारुतिदेवी में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा बिलासपुर के बरमाणा में 51.4 मिमी, घागस में 50.0 मिमी और शिमला के शिलारू में 33.6 मिमी वर्षा दर्ज हुई। लगातार हो रही बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

मौसम विभाग ने ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। वहीं चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने लोगों से मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

बारिश के दौरान विजिबिलिटी कम होने से राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों सहित पर्वतीय सड़कों पर वाहन चलाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में चालक धीमी गति से वाहन चलाएं और अनावश्यक यात्रा से बचें। वहीं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों में जाने से भी परहेज करने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले छह दिन तक मौसम खराब बना रहेगा। खासकर 1 जुलाई से 4 जुलाई के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इसी अवधि में मानसून भी हिमाचल में पूरी तरह सक्रिय हो सकता है, जिससे वर्षा की तीव्रता और बढ़ सकती है। ऐसे में प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने संबंधित जिलों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।